भ्रष्टाचार कैसे खत्म होगा ?
भ्रष्टाचार
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| Corruption In India |
भ्रष्टाचार एक ऐसा विषय है जो किसी के परिचय का मोहताज़ नहीं, क्योंकि ये देश के सबसे चर्चित मुद्दों में से एक है। हम और आप कभी न कभी इसके चपेट में जरूर आए हैं । पर क्या ज़रूरत है हमें इतने आम से विषय पर चर्चा करने की और अपना समय जाया करने की ! तो ज़रूरत है और ये हमारी कई बड़ी जरूरतों में से एक है और सिर्फ़ चर्चा करने की नहीं बल्कि इसे जड़ से ख़त्म करने में हमारे और आपके योगदान की भी मुख्य रूप से आवश्यकता है ।
भ्रष्टाचार का अर्थ :
भ्रष्टाचार का अर्थ हैं किसी व्यक्ति के आचरण का भ्रष्ट हो जाना, और उसके द्वारा ऐसे गलत कृत्य करना जो दूसरे व्यक्तियों व समाज के लिए हानिकारक सिद्ध होते हैं। अर्थात व्यक्ति जब पतित अथवा दुश्चरित्र विचारों को ग्रहण कर अपने जीवन में लाभ व स्वार्थ के लिए प्रयोग में लाता हैं, भ्रष्ट व्यक्ति कहलाता है।आज समाज लगभग पूर्ण रूप से भ्रष्ट हो चुका हैं। प्रत्येक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगा है; चाहे सरकारी कर्मचारी हो अथवा प्राइवेट कर्मचारी हो, दोनों ही जगह पर भ्रष्टाचार का बोलबाला हैं। बिजनेसमैन, दुकानदार, डॉक्टर, वकील, निजी संस्थाएँ, पुलिस, स्कूल , कॉलेज आदि हर जगह बेईमानी, फ्रॉड, रिश्वतखोरी, झूठ, धोखेबाजी, असत्य आदि बुराईयाँ विराजमान हैं।
लगभग सभी देशों की सरकारों में भ्रष्टाचार कहीं ना कहीं लिप्त हैं। नेतागण राजनीतिक सत्ता व अधिक पैसे के लालच में भ्रष्टाचार जैसे कृत्यों में लिप्त हैं।
भ्रष्टाचार के उदाहरण :
- कंसल्टेंसी सर्विसेज द्वारा ग्राहकों को रोजगार का झांसा देकर पैसे का फ्रॉड करना ।
- बैंकों के अधिकारियों द्वारा लोन पर कमीशन खाना ।
- स्कूल व यूनिवर्सिटी द्वारा फर्जी मार्कशीट एवं फर्जी डिग्री जारी करना ।
- बिना लाइसेंस के कंपनियां व कॉल सेंटर चलाना ।
- खाद्य पदार्थों में मिलावट कर बेचना ।
- पेट्रोल, डीजल व तेल में मिलावट करके बेचना ।
- टैक्स न देना ।
- वन के कर्मचारियों द्वारा जंगल की कीमती लकड़ियों को बेचना ।
- इंजीनियर अथवा ठेकेदार द्वारा भवन निर्माण में घटिया व सस्ता मटेरियल लगाना ।
- फर्जी बिल बनाना ।
- वकीलों द्वारा अपने क्लाइंट से जरूरत से ज्यादा फीस चार्ज करना ।
- बिजली चोरी करना व बिजली के मीटर में गड़बड़ी करना ताकि बिल कम आये ।
भ्रष्टाचार को रोकने के उपाय
भ्रष्टाचार को रोकने के लिए गवर्नमेंट द्वारा भ्रष्टाचार विरोधी कड़े कानून व नियम बनाकर उस पर स्वयं व जनता को अमल करना होगा। ऐसा नहीं हैं कि मात्र सरकार व सरकारी जॉब करने वाले ही भ्रष्ट हैं। वास्तव में जनता व निजी संस्थाओं में प्राइवेट जॉब करने वाले, बिजनेसमैन, शॉपकीपर, दूध में मिलावट करने वाले आदि सभी जगह बड़ी मात्रा में भ्रष्ट लोगों द्वारा भ्रष्टाचार किया जाता हैं। भ्रष्टाचार को रोकने के उपाय इस प्रकार हो सकते हैं –
संसद व राज्य विधायिका द्वारा त्वरित गति से कार्य करने वाला कानून बनाये जाये।
न्यायालय द्वारा सरकार व प्रशासन को आदेश करे कि भ्रष्ट लोगों व संस्थानों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
पुलिस प्रशासन व अन्य anti corruption team को सुधार, पर्याप्त संख्याबल एवं आधुनिक टेक्नोलॉजी युक्त संशाधनो की जरूरत।
इंटरनेट के माध्यम से हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने की जरूरत।
उन सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई जो देश-विदेश से भ्रष्टाचार में सहायता प्रदान करते हैं।
सरकार द्वारा सभी सरकारी व निजी संस्थानो, दुकानदार, बिजनेसमैन, डॉक्टर आदि को अपने यहाँ पर सीसीटीवी कैमरा लगाने का आदेश जारी करे, जो सुचारु रुप से 24*7 कार्य करे।
सभी कर्मचारियों का समय समय पर कार्य अवलोकन हो, ताकि पता चल पाए कौन कैसा कार्य कर रहा है।
लोगो को सत्य के मार्ग पर चलने की शिक्षा के लिए प्रेरित किया जाए।
भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं
भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए सबसे पहले राजनीतिक पार्टियों के संविधान में कड़े बदलाव करने होंगे, साथ ही नई पार्टियों के निर्माण पर प्रतिबंध लगाना होगा, देश में विभिन्न स्तरों पर बार-बार होने वाले चुनाव व्यवस्था को हमेशा के लिए निरस्त कर एकल चुनाव प्रणाली को अपनाना होगा; साथ ही ऐसे लोगों को सरकार, नौकरशाही व न्यायपालिका में चयनित करना होगा जो सत्य मार्ग का तन-मन-धन से पालन करते है और जनता के हितों की रक्षा के लिए बड़े निर्णय लेने से न डरते हो।

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